भारत में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती: आम लोगों को कितना फायदा मिलेगा
भारत सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम करने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार का यह प्रयास है कि आम जनता पर बढ़ती कीमतों को कम से कम किया जाए और बाजार में स्थिरता बनी रहे। नई व्यवस्था के अनुसार, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर लगने वाली ड्यूटी को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
इस सरकारी निर्णय से सीधे तौर पर संबंधित है वैश्विक परिस्थितियां। पिछले महीनों से दुनिया भर में तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह निर्णय भारत जैसे देश पर भी असर डालेगा। अगर सरकार ने यह निर्णय नहीं लिया होता, तो पेट्रोल और डीजल के दाम तेजी से ऊपर जाने का खतरा होता। लेकिन यह तय है कि आम जनता के दिमाग में यह सवाल है कि यह निर्णय लेते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल सस्ता कर दिया है या नहीं। इसका जवाब यह है कि पेट्रोल और डीजल सस्ता तभी हो सकता है जब सरकार ने यह निर्णय लिया होता। लेकिन यहां भी यह संभव नहीं है कि तेल कंपनियां तुरंत तेल सस्ता कर दें। इसका कारण यह है कि तेल कंपनियां पहले से ही घाटे में चल रही हैं।
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यह कदम आम जनता के लिए सीधे सस्ते पेट्रोल के रूप में दिखाई नहीं देगा, लेकिन यह एक तरह से “प्राइस कंट्रोल मैकेनिज्म” है। यानी यह कहा जा सकता है कि सरकार ने पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से रोकने की कोशिश की है। अगर यह कटौती नहीं होती, तो आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती थीं।
आर्थिक नजरिए से देखें तो, इस निर्णय से सरकार को आर्थिक रूप से नुकसान भी होगा, लेकिन इसके बावजूद यह निर्णय इसलिए जरूरी था ताकि महंगाई को नियंत्रित किया जा सके और आम जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े.L






