Performance Cars भारत में Mass Market नहीं, फिर भी क्यों हैं ज़रूरी

Performance Cars भारत में Mass Market नहीं, फिर भी क्यों हैं ज़रूरी

भारत को Performance Cars की ज़रूरत क्यों है, भले ही वे Mass Market न हों

भारतीय कार बाजार हमेशा माइलेज, प्रैक्टिकल, कम मेंटेनेंस, और वैल्यू फॉर मनी को लेकर घूमता आया है। कोई भी कार खरीदते समय यही सोचता है कि कार काम की आएगी, दोनों जगह चलेगी, और जेब पर भारी भी नहीं पड़ेगी। लेकिन इसके बावजूद कार बाजार में एक ऐसा सेगमेंट भी है जो कम बिकने के बावजूद पूरी ऑटो इंडस्ट्री पर गहरा असर डालता है। इस सेगमेंट का नाम है

हाल ही में Skoda Octavia RS और Volkswagen Golf GTI की कारें भारत में आ चुकी हैं, और इसका मतलब यह है कि यह कारें भले ही आम तौर पर हर किसी की कार न हो, लेकिन इनकी उपस्थिति का बहुत कुछ मतलब है।

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Image Source: Official Brand Media

सच यही है कि भारत की सड़कों और ट्रैफिक कंडीशन को देखते हुए, इन परफ़ोर्मेंस कारों को हर दिन चलाना प्रैक्टिकल नहीं होगा। कम ग्राउंड क्लियरेंस, हाई प्राइस, और महंगे मेंटेनेंस के कारण इन्हें खरीदने वाला आम व्यक्ति से एक पायदान ऊपर रख देना होगा। लेकिन इन कारों का असली काम “ज़्यादा बिकना” नहीं होता। उनका असली काम ब्रांड की ताकत दिखाना होता है।

ऑटो इंडस्ट्री में, ऐसी कारों को Halo Products कहा जाता है। ऐसी कारें जो दिखाएं कि हमारी कंपनी तकनीकी, डिजाइन, ड्राइविंग एक्सपीरियंस के मामले में कितनी आगे जा सकती है।

उदाहरण के लिए, अगर कोई क्लाइंट बाद में स्कोड़ा स्लाविया या वोल्सवागन वीर्टस कार देखता है, तो उसके दिमाग में पहले से ही यह निष्कर्ष निकल आता है कि यह ब्रांड “ड्राइवर की कार” बनाता है। अर्थात, परफ़ॉर्मेंस कार्स की बिक्री भले ही कम हो, लेकिन ब्रांड की दूसरी कारों की बिक्री को बढ़ावा देने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

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पॉइंटविवरण
मुख्य विषयभारत में परफ़ॉर्मेंस कार्स की ज़रूरत
उदाहरण कार्सSkoda Octavia RS, Volkswagen Golf GTI
इंजन/पावर2.0L इंजन, 261 bhp, 370 Nm
क्यों खास हैंब्रैंड इमेज और इंजीनियरिंग क्षमता दिखाती हैं
आम लोगों के लिए दिक्कतहाई कीमत, कम ग्राउंड क्लीयरेंस, कम प्रैक्टिकलिटी
असली फायदाHalo effect, aspiration, premium perception
किन ब्रैंड्स को फायदाSkoda, Volkswagen जैसे mass-premium ब्रैंड्स
निष्कर्षभारत को बहुत नहीं, लेकिन सही परफ़ॉर्मेंस कार्स चाहिए

आज़ का भारतीय ग्राहक सिर्फ़ आवश्यकता अनुसार खरीददारी नहीं करता, बल्कि ‘कैसा महसूस होता है’ और ‘ब्रांड क्या रिप्रेज़ेंट करता है’ भी बहुत महत्व रखता है, इसलिए आज भी परफ़ॉर्मेंस कार्स भारत में कम संख्या में होने के बावजूद बहुत महत्वपूर्ण हैं।

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